बदलाव के मौके का पूरा फायदा उठाना


छह साल पहले, एलेटा बाउन और मैंने खुद को दिसंबर में पेरिस की अंधेरी और बरसाती सड़कों के चारों ओर दौड़ते हुये पाया था, जहाँ हम यूएनएफसीसीसी कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ (COP) की जटिल, अनन्य और अक्सर रहस्यमय दुनिया में रास्ता ढूँढने की कोशिश कर रहे थे।

मामा एलेटा (Mama Aleta) (जिस नाम से वे अपने समुदाय में जानी जाती हैं) इंडोनेशिया में एक ग्लोबल ग्रीनग्रांट्स फंड (Global Greengrants Fund) (GGF) की अनुदान सहयोगी (ग्रांटी पार्टनर) और स्वदेशी समुदाय की लीडर हैं, जिन्होंने सैकड़ों स्थानीय महिलाओं की मूक बुनाई विरोध में संगमरमर खनन स्थलों पर शांतिपूर्वक कब्जा करने की अगुवाई की। साथ में, उन्होंने खनन कंपनी को खदेड़ दिया और इंडोनेशिया के तिमोर द्वीप पर मुटिस पर्वत पर पवित्र वनभूमि के वनों की कटाई को रोक दिया, जो एक ऐसा प्रयास है जिसने हजारों एकड़ जंगल को बचाया।

मामा एलेटा को कई COP21 कार्यक्रमों में बोलने के लिये और एक सामुदायिक कार्यकर्ता के रूप में लोगों और ग्रह दोनों की रक्षा के लिये महिलाओं की महत्वपूर्ण पर्यावरणीय कार्यवाही का नेतृत्व करने के अपने अनुभव को साझा करने के लिये आमंत्रित किया गया। प्रारंभ में, प्रभाव और राजनीतिक शक्ति वाले कई उच्च-स्तरीय संगठनों ने उन्हें अपने कार्यक्रमों में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया था। लेकिन जैसे-जैसे COP21 करीब आता गया, धीरे-धीरे एजेंडे और इवेंट पैनल से अस्पष्ट माफी और उनकी विशेषज्ञता की कमी या उनके काम के प्रभाव के अनुभवजन्य साक्ष्य के बारे में टिप्पणी के साथ हटा उन्हें दिया गया। अंत में उन्होंने मुख्य कार्यक्रमों से हटकर शहरभर में दो आयोजनों में अपनी बात रखी, जिसमें बहुत ही कम लोग उपस्थित थे।

दुर्भाग्य से, मामा एलेटा का यह अनुभव कोई अनोखी बात नहीं है। हम अभी भी पितृसत्तात्मक व्यवस्था में रहते हैं, और इसके परिणाम स्वरूप जेंडर असमानता, यह सुनिश्चित करती है कि महिला पर्यावरण कार्यकर्ता – विशेष रूप से वे जो स्वदेशी हैं, वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) से हैं, और ज़मीनी स्तर पर काम कर रही हैं – उनका वैश्विक नीति के स्थानों, निर्णय लेने वाले स्थानों से और औपचारिक नेतृत्व के अवसरों से बहिष्करण का अनुभव करना जारी रहे। ये प्रणालियाँ न केवल यह सुनिश्चित करती हैं कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम हो, बल्कि यह भी कि उन्हें कम फंडिंग मिले।

2017 (सबसे हालिया डेटा) में, वैश्विक स्तर पर सभी निजी फाउंडेशन फंडिंग का 0.1 प्रतिशत से भी कम महिलाओं की पर्यावरणीय कार्यवाही को गया। (महिलाओं की पर्यावरणीय कार्यवाही के लिये निर्देशित सार्वजनिक जलवायु वित्त प्रवाह को जोड़ा नहीं गया है)।

अच्छी खबर यह है कि फंडर्स के रूप में, हमारे पास, इस फंडिंग परिदृश्य को बदलने का अवसर है, ताकि उन दमनकारी व्यवस्थाओं को चुनौती दी जा सके जो स्थिति को ज्यों का त्यों बनाये रखने के द्वारा लगातार चलती रहती हैं, ताकि बहिष्करण से समावेशन की ओर, हाशिए की स्थिति से निर्णय लेने की ओर और जेंडर न्याय के लिये करणवाद (इन्स्ट्रमेन्टलिज़म) में मदद की जा सके।

इन अवसरों को वास्तविकता बनाने में मदद करने के लिये, जेंडर-न्यायसंगत जलवायु कार्यवाही की फंडिंग में अग्रणी संगठन ग्लोबल एलायंस फॉर ग्रीन एंड जेंडर एक्शन (Global Alliance for Green and Gender Action – GAGGA) और GGF, वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) में महत्वपूर्ण जलवायु पहल में अग्रणी ज़मीनी स्तर की महिलाओं और लड़कियों के लिये फंडिंग परिदृश्य को बदलने की अपनी प्रतिबद्धता को दोगुना कर रहे हैं।

पिछले एक साल में, यूएन वुमेन जेनेरेशन इक्वालिटी फॉरम (UN Women Generation Equality Forum – GEF) ने महिलाओं और लड़कियों के लिये उनकी सभी विविधता में जेंडर समानता की दिशा में अपरिवर्तनीय प्रगति हासिल करने के लिये 5-वर्षीय यात्रा शुरू की। GEF ने इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करने के लिये सफलता, प्राथमिकता वाले कार्यों और रणनीतियों और युक्तियों के लिये परिकल्पना स्थापित करने के लिये बहु-हितधारक कार्यवाही गठबंधन (सरकारों, फंडर्स, निगमों और नागरिक समाज संगठनों से मिलकर) को एक साथ संघठित किया। फेमिनिस्ट एक्शन फॉर क्लाइमेट जस्टिस एक्शन गठबंधन (Feminist Action for Climate Justice action coalition – FACJ) सहित छह विषयगत कार्यवाही गठबंधन हैं, जिसके लिये ग्लोबल ग्रीनग्रांट्स फंड अग्रणी फंडर है। FACJ  का पंच-वर्षीय लक्ष्य महिलाओं और लड़कियों की एजेंसी, दृश्यता, और हरित अर्थव्यवस्था में नेतृत्व को मज़बूत करने के लक्ष्यों की दिशा में राजनीतिक, वित्तीय और पैरवी समर्थन को बढ़ाना है; जलवायु प्रभावों के प्रति उनकी समुत्थान शक्ति (रिज़िलीअन्स) में वृद्धि करना; और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण कर्ताओं के रूप में ग्रामीण, ज़मीनी स्तर और स्वदेशी महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों की उनकी पूर्ण विविधता में रक्षा करना है।

जलवायु कार्यवाही और फंडिंग में महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को केंद्र में रखने के लिये FACJ की वैश्विक गति का लाभ लेने के लिये, GGF और GAGGA अगले पांच वर्षों में जलवायु न्याय के लिये नारीवादी कार्यवाही के लिये 10 करोड़ रुपये (100 मिलियन डॉलर) जुटाने के लिये एक सामूहिक और परिवर्तनकारी प्रतिबद्धता बना रहे हैं, जिसे निम्नलिखित के रूप में परिभाषित किया गया है:

  • महिलाओं या लड़कियों और गैर-द्विआधारी (नॉन बाइनरी) लोगों के रूप में पहचान करने वाले सभी लोगों, विशेष रूप से जो वैश्विक दक्षिण में ज़मीनी स्तर पर काम करते हैं, के अधिकारों, मांगों, हितों और दृष्टिकोणों से प्रेरित और केंद्रित जलवायु पहलों के लिये न्यायसंगत, लचीला, बहु-वर्षीय, मुख्य समर्थन।
  • जलवायु फंडिंग जो महिलाओं और लड़कियों को उनकी विविधता में लाभ देती है, और असमानताओं को नहीं बढ़ाती है, या उनके खिलाफ हिंसा को कायम नहीं रखती है।
  • ज़मीनी स्तर की पहलों में निवेश जो जलवायु शमन और अनुकूलन में योगदान करते हैं और समावेशी, न्यायोचित, न्यायसंगत और टिकाऊ समाजों को सुनिश्चित करते हैं; और सभी लोगों और विविध पारिस्थितिकी प्रणालियों की समुत्थान शक्ति (रिज़िलीअन्स)  का निर्माण करते हैं।

लेकिन हम यह काम अकेले नहीं कर सकते!

COP26 में हम सरकारों, बहुपक्षीय और लोकोपकार (फिलन्थ्रोपी) से जलवायु वित्त के मामले में जेंडर-न्यायसंगत जलवायु कार्यवाही को सबसे आगे लाने और ज़मीनी स्तर की महिला पर्यावरण कार्यकर्ताओं के नेतृत्व वाली पहलों के लिये धन को निर्देशित करने का आह्वान कर रहे हैं, जो मामा एलेटा जैसी परिवर्तनकारी कार्यवाही को डिज़ाइन, कार्यान्वित और उनका नेतृत्व कर रही हैं।

COP26 से परे, हम आपको अगले पाँच वर्षों में जलवायु न्याय के लिये नारीवादी कार्यवाही के लिये  10 करोड़ रुपये (100 मिलियन डॉलर) जुटाने की हमारी सहयोगी प्रतिबद्धता में शामिल होने के लिये आमंत्रित करते हैं। एक साथ, हम यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं कि महिलायें और लड़कियाँ सामूहिक भविष्य के निर्माण में अपनी सही भूमिका निभाएं जो अधिक समावेशी, टिकाऊ और जेंडर-न्यायसंगत हों।

 

उर्सुला ग्लोबल ग्रीनग्रांट्स फंड में जेंडर और इक्विटी की निदेशक हैं और पर्यावरण और जलवायु फंडिंग और वित्त में महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों के लिये एक जोशीली पैरोकार हैं। वे अंतरराष्ट्रीय विकास में एक सहायक प्रोफेसर हैं, “जलवायु न्याय और महिला अधिकार” नामक पुरस्कार विजेता प्रकाशन की एक योगदान लेखिका और पर्यावरण और जलवायु फंडिंग में समता के बारे में सम्मेलनों में अक्सर वक्ता हैं।

अधिक जानकारी के लिये, उर्सुला मिनिस्ज़ेवस्की से ursula@greengrants.org पर संपर्क करें, या माइट स्मेट से maite@fcmujeres.org पर संपर्क करें।


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